एक दाण एक बासा हा, वे एक बजार में ग्या अन बजार में मोटा मोटा घर देकन वे मेमा करबा लागा। एक जइगाँ ग्या, वटे एक मोटो घर देकन वे वींका बान्ना में ऊबा रेग्या हा। वीं घर में एक करंट मूँ चालबा वाळी पँगत्या की नाळ ही। वा नाळ आपों-आप ऊपरे छड जावे, वींपे एक लुगई जान ऊबी वी अन वा बना चाल्याँई ऊपरे छडगी ही, दुजा दीने आबा वाळी नाळऊँ एक मोट्यार छोरी आरी ही, बासा जाण्या के वा भूडी लुगई आती दाण मोट्यार वेगी दिके। अबे बासा होच्यो के या तो भूडा ने मोट्यार करबा की मसीन हे दिके। मने नंगे वेती तो मूँ मारी घर वाळी ने अटे लियातो तो वा भूडी हे, ज्यो ईं मसीन में मोट्यार कर नाकतो हो। अणी बाते ज्यो मनक हाँची बात ने ने जाण सके, वे होचबा में जाण जावे।
 

परसण -

1. बासा कई देकन मेमा करबा लागा हा?
2. बासा मोटा घर में कई देक्यो हो?
3. बासा मोट्यार लुगई ने आती देकन कई होच्यो हो?

    ईं केणीऊँ भणबा वाळा मनकाँ ने कई अकल मले लिको–