ऊन्दरा
घर में भर्या धान ने ऊन्दरा खा जावे।
ध्यान नी राको तो बणई तकी रोट्याँ ने खा जावे।
ऊन्दरा राताँ हड़बड़ाटा घणा करे।
आकी-आकी राताँ घराँ में फरता फरे।
डेळ रे जावो तो नुकसाण घणो करे।
हुँस्यार घणा वेवे कणी मूँ नी डरे।
खाली माली मनक वेवे जटे ये जा’न नी फरे।
एक मनक की है ज्यो अणा को नास करे।